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Tag: vernacular

बासु चैटर्जी

बासु चैटर्जी ने अपने जीवन काल में इतनी  विशाल प्रदर्शनों की फिहरिस्त हासिल की है कि उनका उल्लेखन करना आसान नहीं।  जिस प्रकार से उन्होंने जीवन की रोज़मर्रा की स्तिथियों को बॉलीवुड…

मुझे तो प्यार से ही प्यार होता है…

प्यार – यह तो एक अहसास है ना, फिर क्यों हम किसी ख़ास के होने ना होने से उस अहसास का तोल मोल करते हैं। हमारी जिन्दगी में तो लोग आते जाते…

टाइगर का पैग़ाम, देश के नाम।

नमस्कार भारतवासियो, कैसे है आप सब लोग?? खबरें पढ़ी है, की हमारी इस दुनिया में एक विषाणु(virus) ने काफ़ी तहलका मचाया हुआ है। काफ़ी समय से तेज़ रफ्तार से दौड़ती आप सबकी…

देशव्यापी लॉकडाउन में अपने समय का सदुपयोग कैसे करें?

मौजूदा हालातों में लोग कहीं न कहीं निराशा और दिशाहीनता से जूझ रहे हैं। उनमें एक नई उम्मीद जगाने की ज़रूरत है जो उन्हें इस निराशा से लड़ने में सक्षम बनाये और…

भारत-चीन विवाद – An Article by Nikhil Singh

सौ करोड़ से अधिक लोगों को गोद में लिए, मस्तक पर धवल किरीट धारण किए हुए, सागर में पांव पसारे हुए, सोन चिरैया सा लहराता हुआ हिमालय की गोद में लिटा हुआ…

राम-नाम का अहम – A Poem By Nishant Basu

जो राम शांति और शालीनता की पराकाष्ठा हैं , उनके नाम को लेकर उनके भक्तो का अहम सुनाती कविता। ❧ अहम ? मेरे राम में कैसा अहम? जिसने सबरी के आधे-जूठे, बेर…

क्यों आयी हो महामारी? – A Poem by Ashwani Acharya

एक दिहाड़ी पर काम करने वाली मजदूर औरत की कहानी, उसकी ज़ुबानी, जो अभी के हालात समझ नहींपा रही है। जिसकी ज़िन्दगी वैसे ही जुझारू और किस तरह से लॉकडॉउन की वजह…